बीकानेर। राजस्थानी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए युवा कवि एवं साहित्यकार रोशन बाफना को इस वर्ष दिवंगत ओम पुरोहित ‘कागद’ स्मृति युवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान कागद फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष राजस्थानी भाषा में उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान देने वाले एक युवा साहित्यकार को प्रदान किया जाता है।
‘इत्ती सी तो बात है’ को मिला सम्मान
कागद फाउंडेशन की बैठक में सर्वसम्मति से रोशन बाफना के नाम का चयन किया गया। उन्हें यह सम्मान उनकी चर्चित राजस्थानी काव्य कृति ‘इत्ती सी तो बात है’ के लिए दिया जाएगा। यह संग्रह आधुनिक राजस्थानी कविताओं पर आधारित है और साहित्य जगत में सराहा गया है।
इससे पहले भी इसी कृति के लिए रोशन बाफना को नारायण दास टोगसिया पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
12 अगस्त को होगा सम्मान समारोह
कागद फाउंडेशन के अनुसार यह सम्मान 12 अगस्त 2026 को हनुमानगढ़ स्थित एसकेडी यूनिवर्सिटी में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर के साहित्यकार, लेखक और सांस्कृतिक क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।
हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में सक्रिय हैं रोशन बाफना
रोशन बाफना हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में गीत, कविताएं और साहित्यिक रचनाएं लिखते हैं। उनकी लेखनी में समकालीन सामाजिक संवेदनाएं और राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। युवा साहित्यकार के रूप में उन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है।
साहित्य जगत ने दी शुभकामनाएं
सम्मान की घोषणा के बाद वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी’, प्रख्यात ज्योतिषी राजेंद्र व्यास ‘ममू महाराज’, मालचंद तिवाड़ी, कमल रंगा, कृष्ण कुमार आसु, साहित्यकार कमल रंगा, राजेंद्र जोशी, मालचंद तिवाड़ी, हरिशंकर आचार्य, गौरीशंकर प्रजापत, मोनिका गौड़, मनीषा आर्य सोनी, नगेंद्र नारायण किराडू, योगेश व्यास, आनंद पुरोहित मस्ताना, विप्लव व्यास, शशांक शेखर जोशी, भारती पुरोहित, मनाकी महाराज, समाजसेवी डीपी पचीसिया, श्यामसुंदर सोनी, सोहनलाल बैद, गणेशमल बोथरा, हंसराज डागा, जतनलाल दूगड़, पुखराज चोपड़ा, राजकुमार दफ्तरी, विमलचंद डागा, इंद्रचंद सिंगी, मोहन सुराणा, महावीर रांका, राजेश अग्रवाल, गोपाल गहलोत, जवाहरलाल सेठिया, प्रदीप उपाध्याय, दिलीप बांठिया, सुनील दफ्तरी, अनू सेठिया, मनीष बाफना, गोपाल अग्रवाल, भंवरलाल सेठिया, ईश्वर चंद दूगड़, कानजी दूगड़, विकास बांठिया(श्रीगंगानगर), मनोज सेठिया, मनोज पारख, शिखरचंद डागा, विकास शर्मा, ज्योति प्रकाश रंगा, रविंद्र हर्ष, कृष्ण चंद्र पुरोहित, विनोद बाफना, महेंद्र बोथरा, सुरेंद्र पटवा, राकेश बैद, मिलाप बाफना(मुंबई), कुलदीप सुराणा(लुधियाना), धीरज सेठिया(लुधियाना), अनिल डागा, मनोज चांडक आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की।
मधु आचार्य ने कहा कि यह सम्मान वास्तव में युवा कलम का सम्मान है। इससे बेहतर लिखने वाले युवा साहित्यकारों को बल मिलेगा। सहित साहित्य, समाज और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक लोगों ने रोशन बाफना को बधाई दी। वहीं समाजसेवी डीपी पचीसिया ने कहा कि समाज के संतुलित विकास और सकारात्मक बदलाव के लिए युवा साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।













