Cockroach Janta Party :सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में है Abhijeet Dipke ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘Cockroach Janta Party’ नाम से डिजिटल आंदोलन तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें जस्टिस सूर्यकांत से जुड़ी एक टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद यह सोशल मीडिया पेज अचानक चर्चा का केंद्र बन गया।
हालांकि बाद में जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनकी बातों को मीडिया के एक हिस्से द्वारा गलत तरीके से पेश किया गया था, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से फैल चुका था। इसी विवाद के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का यह ऑनलाइन आंदोलन युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक वायरल हो रही है।
आओ जाने कौन हैं अभिजीत दीपके?
इस पूरे डिजिटल अभियान के पीछे अभिजीत दीपके नाम के शख्स का नाम सामने आया है। जो अभी बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार अभिजीत दीपके दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने खुद ऑनलाइन चर्चाओं के दौरान अपनी जातिगत पहचान का उल्लेख किया था, जिसके बाद उनकी पृष्ठभूमि और सामाजिक पहचान को लेकर इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर कई तरह के कमेंट इसके बाद अब शुरु हो चुके है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शुरू होने से पहले अभिजीत दीपके कथित तौर पर आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया विंग से जुड़े हुए थे। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
अब जानते है कैसे शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को किसी पारंपरिक राजनीतिक दल की तरह चुनाव लड़ने के उद्देश्य से लॉन्च नहीं किया गया था। यह एक व्यंग्यात्मक और डिजिटल विरोध आंदोलन के रूप में सामने आया।
बताया जाता है कि बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने से जुड़े विवाद के बाद इस अभियान ने जोर पकड़ना शुरू किया। धीरे-धीरे यह आंदोलन मीम्स, वायरल पोस्ट्स और सोशल मीडिया कंटेंट के जरिए युवाओं के बीच फैलता चला गया।
यह अभियान खासतौर पर Gen Z यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके व्यंग्यात्मक नारे, अनोखा अंदाज और सत्ता विरोधी संदेशों ने बड़ी संख्या में युवाओं को आकर्षित किया।
ऐसे समझे क्यों बढ़े करोड़ों फॉलोअर्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए। सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि इसकी तुलना कई बड़े राजनीतिक दलों के ऑनलाइन फॉलोअर्स से होने लगी।
इस आंदोलन के समर्थकों का कहना है कि यह युवाओं की नाराजगी और असंतोष को व्यक्त करने का नया डिजिटल तरीका है। वहीं आलोचक इसे सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रेंड और मीम आधारित अभियान मान रहे हैं।
डिजिटल विरोध का नया मॉडल?
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसे अभियान यह दिखाते हैं कि अब सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि युवा वर्ग अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है।
हालांकि यह पहल फिलहाल व्यंग्यात्मक और ऑनलाइन अभियान तक सीमित है, लेकिन इसने बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी और सोशल मीडिया एक्टिविज्म जैसे मुद्दों पर नई बहस जरूर शुरू कर दी है।
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