आग में झुलसी दुल्हन, अस्पताल बना मंडप, कानपुर में बर्न वार्ड में हुई शादी
विवाह’ फिल्म जैसा भावुक दृश्य, दूल्हे ने निभाया साथ का वादा
Kanpur Hospital Wedding : कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ऐसी शादी हुई जिसने हर किसी को भावुक कर सोचने पर मजबूर कर दिया। शहर के निजी अस्पताल का बर्न वार्ड शादी के मंडप में बदल गया और आग में झुलसी दुल्हन ने अस्पताल के बेड पर ही अपने दूल्हे के साथ सात जन्मों का रिश्ता निभाने की कसमें खाईं। अस्पताल में मरीजों और स्टाफ में इसकी चर्चा और मदद की सराहना एक मिशाल बन गई।
यह पूरा घटनाक्रम बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ के एक दृश्य की तरह नजर आया, जहां परिस्थितियां कठिन थीं लेकिन रिश्ते का भरोसा अटूट रहा। दूल्हे ने अस्पताल में भर्ती दुल्हन के गले में जयमाला डाली, उसकी मांग भरी और कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, वह हर हाल में उसका साथ निभाएगा।

कानपुर में मेहंदी समारोह के दौरान हुआ हादसा
कानपुर के जगन्नाथपुर गांव निवासी जगदीश सिंह की बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी 14 मई को विकास सिंह के साथ तय थी। शादी से एक दिन पहले 13 मई की शाम घर में मेहंदी की रस्म चल रही थी और रिश्तेदारों की भीड़ जुटी हुई थी।
इसी दौरान गैस सिलेंडर के पाइप से रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते घर में आग फैल गई। आग बुझाने के प्रयास में चूल्हे पर रखी खौलते तेल की कढ़ाही पलट गई, जिससे दुल्हन समेत 12 लोग बुरी तरह झुलस गए। घायलों में दुल्हन के पिता और एक फोटोग्राफर भी शामिल थे।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को पहले घाटमपुर सीएचसी और बाद में कानपुर रेफर किया गया। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

दूल्हे ने पेश की मिशाल, शादी टालने से किया इनकार
इस हादसे की जानकारी मिलने पर दूल्हा विकास सिंह और उसका परिवार अस्पताल पहुंचा। दुल्हन की हालत गंभीर होने के बावजूद विकास ने शादी टालने से साफ इनकार कर दिया। उसने दुल्हन के परिवार और अस्पताल प्रशासन से बात कर अस्पताल में ही शादी की अनुमति मांगी।
इसके बाद अस्पताल के बर्न वार्ड को फूल-मालाओं से सजाया गया। नर्सिंग स्टाफ और परिजनों ने मिलकर माहौल को शादी समारोह जैसा बना दिया। अस्पताल के बेड पर बैठी दुल्हन ने दूल्हे को जयमाला पहनाई और दोनों ने केक काटकर शादी की रस्में पूरी कीं।
दूल्हे विकास सिंह ने कहा कि उसने दुल्हन और उसके परिवार को भरोसा दिलाया था कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, वह अपना रिश्ता और वादा दोनों निभाएगा।
अस्पताल प्रशासन भी बना शादी का हिस्सा
कानपुर के मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल ने बताया कि अस्पताल में हुआ यह विवाह बेहद भावुक क्षण था। अस्पताल के स्टाफ और परिजनों ने मिलकर वार्ड को सजाया। उन्होंने बताया कि दुल्हन की हालत में सुधार हो रहा है और उसे अस्पताल से छुट्टी मिलने में अभी 8 से 10 दिन का समय लग सकता है।













