नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने अब ऑफलाइन तत्काल टिकट बुकिंग में दलालों और फर्जी आईडी पर रोक लगाने के लिए नया “Q-Mitra सिस्टम” लॉन्च किया है। यह सिस्टम फिलहाल परीक्षण के तौर पर बिहार के बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर लागू किया गया है, जो पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के सोनपुर डिवीजन के अंतर्गत आता है।
रेलवे ने इससे पहले ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार बेस्ड OTP व्यवस्था लागू की थी, जिससे फर्जी अकाउंट्स के जरिए टिकट बुकिंग करने वाले दलालों पर काफी हद तक रोक लगी। हालांकि इसके बाद दलालों ने ऑफलाइन काउंटरों पर फर्जी पहचान पत्रों के जरिए टिकट लेना शुरू कर दिया था। अब Q-Mitra सिस्टम के जरिए रेलवे इस समस्या का समाधान करने जा रहा है।
क्या है Q-Mitra सिस्टम?
Q-Mitra एक डिजिटल टोकन आधारित व्यवस्था है, जिसे तत्काल टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए तैयार किया गया है। इस सिस्टम में केवल वास्तविक यात्री ही टोकन प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए यात्रियों को मोबाइल नंबर और आधार कार्ड के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा।
रेलवे के अनुसार एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर पर केवल एक ही टोकन जारी किया जाएगा, जिससे फर्जी बुकिंग और दलालों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
Q-Mitra कैसे करेगा काम?
तत्काल टिकट काउंटर खुलने से पहले यात्रियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर QR कोड वाला डिजिटल टोकन भेजा जाएगा। इसी टोकन के आधार पर यात्री टिकट काउंटर पर जाकर टिकट प्राप्त कर सकेंगे।
काउंटर पर लगाए गए विशेष मशीन में यात्री का बायोमैट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। यदि यात्री का चेहरा आधार डेटा से मेल खाता है, तभी टिकट जारी होगा। इससे फर्जी पहचान पत्रों के जरिए टिकट लेना लगभग असंभव हो जाएगा।
Q-Mitra सिस्टम के प्रमुख फायदे
रेलवे का यह नया सिस्टम कई भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के साथ तैयार किया गया है। इसमें हिंदी और अंग्रेजी के अलावा तमिल, तेलुगू, बंगाली और पंजाबी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं का विकल्प भी मिलेगा।
यह पूरी तरह आधार आधारित डिजिटल व्यवस्था है, जिससे फर्जी आईडी का इस्तेमाल रोका जा सकेगा। फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा के कारण केवल वही व्यक्ति टिकट प्राप्त कर सकेगा जिसके नाम पर आधार कार्ड रजिस्टर्ड है। इसके अलावा इस सिस्टम में स्मार्ट टोकन लिमिट भी दी गई है, जिसके तहत एक आधार कार्ड पर एक दिन में केवल एक ही टोकन जारी होगा। रेलवे ने एसी और नॉन-एसी यात्रियों के लिए अलग-अलग क्यू और टोकन की व्यवस्था भी की है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह सिस्टम ऑफलाइन मोड में भी काम कर सकता है, यानी इंटरनेट न होने पर भी यात्रियों को टोकन जारी किए जा सकेंगे।
Q-Mitra सिस्टम से दलालों पर लगेगी लगाम
रेलवे का मानना है कि Q-Mitra सिस्टम लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम यात्रियों को राहत मिलेगी। अगर यह ट्रायल सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लागू किया जा सकता है।
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