NEET पेपर लीक मामले में BJP कनेक्शन पर सियासी घमासान, आरोपी दिनेश बिवाल की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
NEET Paper Leak Case : जयपुर। राजस्थान में NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके तार और उसकी आंच राजनीतिक गलियारों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिवाल की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में नया तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि दिनेश बिवाल भारतीय जनता पार्टी का पदाधिकारी है और इसी वजह से राजस्थान सरकार ने शुरुआती दिनों में मामले को दबाने की कोशिश की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल भाजपा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही कारण था कि राज्य सरकार ने पूरे 9 दिनों तक FIR दर्ज नहीं की और मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
गहलोत ने कहा कि वह 11 मई से लगातार यह सवाल उठा रहे थे कि आखिर सरकार FIR दर्ज करने में देरी क्यों कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्या भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक माफिया को संरक्षण दे रही है।
इस बीच कांग्रेस नेताओं ने दिनेश बिवाल की कई तस्वीरें और पोस्टर भी सार्वजनिक किए हैं। इन तस्वीरों में वह भाजपा के झंडे और पार्टी नेताओं के साथ दिखाई दे रहा है। वायरल पोस्टरों में उसने खुद को “जिला मंत्री, जयपुर जिला देहात, भाजपा युवा मोर्चा” बताया है।
मामले में जांच एजेंसियों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दिनेश बिवाल ने कथित तौर पर 30 लाख रुपए में NEET का पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने यह पेपर कई व्हाट्सएप ग्रुप्स और अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। जांच एजेंसियां उसे इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही हैं।
NEET UG 2026 पेपर लीक का पूरा नेटवर्क आया सामने
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच के दौरान सामने आया है कि पेपर सबसे पहले महाराष्ट्र के नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ। इसके बाद यह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित गिरोह तक पहुंचा और फिर राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना और केरल सहित कई राज्यों में फैलाया गया।
राजस्थान में यह पेपर सबसे पहले जमवारामगढ़ के दो भाइयों तक पहुंचा, जिन्होंने इसे सीकर के छात्रों और पीजी संचालकों तक पहुंचाया। व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया चैनलों के जरिए यह पेपर तेजी से वायरल हुआ।
CBI के हाथों में जांच, छात्रों में भारी आक्रोश
राजस्थान एसओजी अब तक दो दर्जन से अधिक आरोपियों को CBI को सौंप चुकी है। एसओजी के आईजी अजयपाल लाम्बा ने कहा कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र राजस्थान नहीं था और पेपर राज्य में आने से पहले ही लीक हो चुका था।
CBI की टीम जयपुर पहुंच चुकी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह में कुछ डॉक्टर और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पेपर लीक की पुष्टि के बाद NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। इससे देशभर के करीब 24 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं और छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।










