Influencer Sweet Zannat Kon Hai? सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक MMS Video तूफान की तरह वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम, फेसबुक से लेकर टेलीग्राम तक इस वीडियो ने पूरे इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि यह 19 मिनट 34 सेकंड का प्राइवेट वीडियो इंफ्लूएंसर का है, लेकिन कई लोग इसे AI Deepfake भी बता रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि आखिर Sweet Zannat कौन है और यह वीडियो असली है या फर्जी? आइए विस्तार से जानते हैं।
Influencer Sweet Zannat Kon Hai?
Sweet Zannat एक फेमस इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर हैं।
27 नवंबर से उनका बताया जा रहा प्राइवेट MMS वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस वीडियो को लेकर लीक लिंक मांगने की मानो होड़ सी लगी हुई है।
- Sweet Zannat मेघालय के महेंद्रगंज की रहने वाली हैं।
- वह इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से अपने डेली लाइफ वीडियो साझा करती हैं।
- उनका इंस्टाग्राम अकाउंट ID है: @sweet_zannat_12374
वायरल वीडियो सामने आने के बाद से ही Sweet Zannat लगातार चर्चा में हैं।

Influencer Sweet Zannat Viral Video: क्या है असली सच्चाई?
MMS वीडियो वायरल होने के बाद Sweet Zannat खुद सामने आईं और बताया कि:
“यह वीडियो 100% AI Deepfake है”
28 नवंबर को उन्होंने एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी करते हुए कहा:
- “मुझे ध्यान से देखो और वायरल वीडियो को भी ध्यान से देखो।”
- “क्या मैं दोनों वीडियो में मिलती-जुलती लगती हूं?”
- “मैं 12वीं पास हूं, वह वीडियो में लड़की धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोल रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की वजह से उनके फॉलोअर्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
क्या Deepfake का नया मामला है यह?
बीते महीनों में कई महिला क्रिएटर्स और सेलिब्रिटीज़ AI Deepfake का शिकार हुई हैं।
Sweet Zannat का यह मामला भी उसी बढ़ते साइबर क्राइम का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Deepfake तकनीक से किसी का भी चेहरा किसी अन्य वीडियो पर इस कदर लगाया जा सकता है कि असली-नकली पहचानना मुश्किल हो जाता है।
MMS वायरल करने पर भारतीय कानून क्या कहता है? जानें IT Act, BNS और दंड का पूरा प्रावधान
नई दिल्ली। सोशल मीडिया के दौर में प्राइवेट फोटो और MMS वायरल करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर यह जानना चाहते हैं कि भारतीय कानून उनके पक्ष में क्या कार्रवाई कर सकता है। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने राइट टू प्राइवेसी (निजता का अधिकार) को मौलिक अधिकार घोषित किया था। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसका पर्सनल वीडियो शूट करना, शेयर करना या वायरल करना एक गंभीर कानूनी अपराध है।
🔹 आईटी एक्ट 2000 में क्या है प्रावधान?
अगर कोई व्यक्ति किसी की मर्जी के खिलाफ उसका वीडियो बनाता है और फिर उसे वायरल करता है, तो इसे फिजिकल प्राइवेसी का उल्लंघन माना जाता है। इसके लिए आईटी एक्ट 2000 की धारा 66E लगाई जाती है।
धारा 66E के तहत सजा:
- अधिकतम 3 साल की जेल
- 2 लाख रुपये तक जुर्माना
अगर कोई व्यक्ति किसी के फोटो या वीडियो को एडिट कर अश्लील रूप देकर वायरल करता है, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की जाती है।
धारा 67 के तहत सजा:
- 3 साल की जेल
- 5 लाख रुपये तक जुर्माना
इसके अलावा, डीपफेक या AI से तैयार किए गए अश्लील वीडियो पर भी धारा 66E और धारा 67 के तहत केस दर्ज किया जाता है।
Dhunu Viral MMS का सच: 19 मिनट का वीडियो वायरल, असम की इंफ्लुएंसर विवादों में घिरी
🔹 बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita) में और सख्त प्रावधान
1 जुलाई 2024 से लागू नई दंड संहिता BNS (बीएनएस) ने महिलाओं की निजता को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। इसके तहत किसी महिला की निजी परिस्थिति का वीडियो या फोटो उसकी अनुमति के बिना बनाना या फैलाना गंभीर अपराध है।
🔸 BNS की धारा 73 (पूर्व IPC 354G) के तहत अपराध
धारा 73 साफ करती है कि अपराधी पुरुष हो या महिला, दोनों पर समान कार्रवाई होगी।
धारा 73 के तहत सजा:
- पहली बार अपराध पर:
✔ 1 से 3 साल की कैद
✔ जुर्माना - दूसरी बार अपराध पर:
✔ 3 से 7 साल की कैद
✔ जुर्माना
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस धारा के तहत अपराध गैर-जमानती और असंज्ञेय (Non-bailable & Cognizable) है। यानी—
- पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है
- आरोपी को जमानत आसानी से नहीं मिलती
🔹 नतीजा: प्राइवेसी का उल्लंघन अब भारी अपराध
किसी का MMS, फोटो या वीडियो बिना अनुमति वायरल करना, एडिट करना या डीपफेक बनाना—
➡ कानूनन गंभीर अपराध है
➡ सख्त कार्रवाई होती है
➡ जेल और भारी जुर्माना दोनों का प्रावधान है
कानून स्पष्ट करता है कि सोशल मीडिया पर किसी की गरिमा और निजता के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।













