जयपुर। जयपुर संभागीय आयुक्त वी.सरवण कुमार ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रही है तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान को ऊर्जा उत्पादन में सरप्लस राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
संभागीय आयुक्त वी.सरवण कुमार कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर उपखंड के ग्राम भूपसेड़ा में पीएम-कुसुम योजना के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से किसानों को दिन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल रही है जिससे सिंचाई आसान हुई है, खेती की लागत घटी है और अतिरिक्त आय के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने भूपसेड़ा के प्रगतिशील किसान बलवीर सिंह मोगर द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र का निरीक्षण करते हुए इसे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों को योजना के बारे में जागरूक करने को कहा।
संयंत्र संचालक बलबीर मोगर के पुत्र नीरज यादव ने बताया कि भूपसेड़ा में 5-5 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित दोनों सौर संयंत्रों से कल्याण नगर एवं बालावास जीएसएस से जुड़े फीडरों पर भरपूर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। बानसूर क्षेत्र में अब तक लगभग 10 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे करीब 4 हजार किसानों को दिन में विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। इनमें कल्याण नगर के 310 तथा बालावास के 362 कृषि उपभोक्ताओं को नियमित दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
एक्सईएन अमित यादव ने बताया कि जिले में पीएम-कुसुम योजना के तहत अब तक 21 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। लगभग 49 मेगावाट क्षमता वाले इन संयंत्रों से प्रतिमाह करीब 61 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे हजारों किसानों को दिन में कृषि विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण एवं उपखंड अधिकारी अनुराग हरित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।











