जयपुर, 21 अक्टूबर 2025।
दिवाली की खुशियों से पहले ही जयपुर की हवा जहरीली हो गई है। रविवार को छोटी दिवाली के दिन प्रदेश के अधिकांश शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। जयपुर, बीकानेर, धौलपुर, हनुमानगढ़ और भिवाड़ी में हवा “खराब” श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि एनसीआर क्षेत्र के डीग, भरतपुर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा में ग्रैप-2 (Graded Response Action Plan) की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली पर पटाखों का धुआं और सर्दी की शुरुआत प्रदूषण स्तर को और बढ़ा सकती है।
🌁 जयपुर में प्रदूषण स्तर खतरनाक, मानसरोवर सबसे ज्यादा प्रभावित
राजधानी जयपुर में रविवार को हवा की गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गई।
मानसरोवर क्षेत्र का AQI 222 दर्ज किया गया – जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक स्तर है।
🔹 पीएम 2.5 और पीएम-10 के सूक्ष्म कणों का स्तर
357 से 399 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया – जो “गंभीर श्रेणी” में आता है।
शहर के शास्त्री नगर और आदर्श नगर क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही।
पिछले एक सप्ताह से जयपुर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
🌆 राजस्थान के इन शहरों में हवा की स्थिति (AQI Level)
| शहर | AQI स्तर | श्रेणी |
|---|---|---|
| भिवाड़ी | 256 | खराब |
| बीकानेर | 252 | खराब |
| धौलपुर | 234 | खराब |
| हनुमानगढ़ | 221 | खराब |
| जयपुर (मानसरोवर) | 222 | खराब |
🚫 NCR के 5 जिलों में लागू हुआ GRAP-2, ये रहेंगी पाबंदियां
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के चेयरमैन डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने बताया कि ग्रैप-2 केवल NCR क्षेत्र (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के जिलों पर लागू होगा।
इन 5 जिलों — डीग, भरतपुर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा — में निम्न पाबंदियां लागू रहेंगी:
- डीजल जनरेटर चलाने पर प्रतिबंध रहेगा।
- निजी वाहनों के उपयोग को कम करने और पार्किंग शुल्क बढ़ाने की सलाह।
- नगर निकायों को एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर से धूल नियंत्रण का निर्देश।
- रोड स्वीपिंग और कचरा डंपिंग की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
- औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।
💬 विशेषज्ञों की चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेताया कि दिवाली की रात पटाखों के धुएं से AQI 350 से ऊपर जा सकता है।
स्वस्थ लोगों के लिए भी ऐसी हवा खतरनाक मानी जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।











