बीकानेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “विश्वास के 12 साल, विकास के 12 साल, जनकल्याण के 12 साल एवं विकसित भारत संकल्प” अभियान के तहत केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर के प्रबुद्ध पत्रकारों के साथ परिचर्चा की। पत्रकार कॉलोनी में हुई परिचर्चा के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों ने विकसित भारत के ढांचागत विकास और पत्रकारों के विभिन्न मुद्दों पर बात की।
वरिष्ठ पत्रकार संतोष जैन ने कहा कि आज छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। जनता के मूलभूत छोटे-छोटे कामों के लिए सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार शिवचरण शर्मा ने कहा कि पत्रकारों के अधिस्वीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई ऐसे वरिष्ठ पत्रकार है जो अधिस्वीकरण की कई शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन उन्होंने जीवन भर पत्रकारिता की और उनकी आजीविका पत्रकारिता पर ही निर्भर रही। 60 साल पूरे कर चुके ऐसे वरिष्ठ पत्रकारों को एक विशेष समिति के माध्यम से अधिस्वीकृत का दर्जा दिया जाना चाहिए ,ताकि उन्हें अधिस्वीकरण के लाभ मिल सके।
वरिष्ठ पत्रकार हनुमान चारण ने कहा कि सरकार पिछड़े और निचले तबकों पर विशेष ध्यान दें, जिससे उनका उत्थान हो सके। चारण ने पत्रकारों को रेलवे किराए में रियायत देने की सुविधा पुनः शुरू करने का मुद्दा उठाया। चारण ने पत्रकार कॉलोनी में स्थित गैस गोदाम को अन्यत्र शिफ्ट करने और वहां पत्रकारों के लिए सामुदायिक भवन बनाने की बात कही।
पत्रकार भवानी शंकर जोशी ने कहा की राजस्थान में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार है जो जिनका अधिस्वीकरण किया जाना चाहिए। यदि सरकार की ओर से धिस्वीकरण के नियमों में विशेष रूप से छूट देते हुए ऐसे वरिष्ठ पत्रकारों को अधिस्वीकृत का दर्जा दिया जाए तो बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकारों को लाभ मिल सकेगा।
वरिष्ठ पत्रकार श्याम मारू ने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से पत्रकारों को रोडवेज में निशुल्क यात्रा करने की सुविधा उपलब्ध है यदि जीवनसाथी को भी रोडवेज बसों में यात्रा करने की निशुल्क सुविधा मिले तो यह सरकार की एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।
वरिष्ठ पत्रकार विक्रम जागरवाल ने कहा कि जर्नलिस्ट वर्ग को अधिस्वीकरण के लिए शैक्षणिक योग्यता में शिथिलता दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए नई कल्याणकारी योजनाएं बनाई जानी चाहिए, जिससे पत्रकारों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
इस अवसर पर धीरज जोशी ने भी कहा कि बीकानेर के पत्रकारों को भूखंड दिए जाने चाहिए। जोशी ने कहा कि 13 साल पहले 2013 में भूखंड आवंटित किए गए थे ,लेकिन इस अवधि में बड़ी संख्या में नए पत्रकार भी जुड़े हैं और उन्हें भी रियायती दर पर भूखंड मिलना चाहिए।
केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 12 साल में विकास के काम बहुत किए हैं। अब आगे भी इन कामों को जारी रखने के लिए प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसी कड़ी में वरिष्ठ पत्रकारों के साथ आज की इस परिचर्चा में जो मुद्दे उभर कर आए हैं, चाहे वे पत्रकारों से संबंधित हो या आम नागरिक से संबंधित हो, सरकार उन्हें पूरा करने का प्रयास करेगी।
मेघवाल ने परिचर्चा में उपस्थित सभी वरिष्ठ पत्रकारों का आभार भी जताया और उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह मंशा रही है कि हर वर्ग से पूछ कर उनके सुझाव लेकर विकास कार्य करवाए जाएं।
कार्यक्रम में भाजपा नेता अशोक बोबरवाल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरिशंकर आचार्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।











